फ्लाईओवर से कूदा प्रेमी युगल: हर्षित ने अस्पताल में बताया कि दोनों के बीच तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उन्होंने शादी भी कर ली थी। अब किशोरी गर्भवती थी। पुलिस ने उसे पकड़ा तो दोनों नीचे कूद गए।
लखनौती निवासी हर्षित त्यागी और देवबंद के गांव की किशोरी तीन साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे। 12 मई को दोनों घर से चले गए थे। जिला अस्पताल में भर्ती हर्षित ने दावा किया कि किशोरी के परिजनों से बात हुई थी। वह उनके रिश्ते के लिए तैयार हो गए थे। इस वजह से दोनों घर की तरफ जा रहे थे, तभी रास्ते में पुलिस ने उनका पीछा कर लिया। उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। पीछा कर रही गाड़ी से कई लोग उतरे, जो सादे कपड़ों में थे, जिन्होंने उसका कॉलर भी पकड़ लिया था। उनसे बचने के लिए कोई रास्ता नहीं था, दोनों आत्महत्या करने के लिए फ्लाईओवर से नीचे कूद गए थे। नीचे पड़ी किशोरी के हाथ में चूड़ा था।
12 मई को किशोरी के परिजनों ने देवबंद थाने में केस दर्ज कराया था कि हर्षित उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर ले गया है। किशोरी की बरामदगी नहीं होने पर परिजनों ने एसपी देहात से मुलाकात की थी। इसके अलावा भाजपा के बड़े नेता ने भी पुलिस अधिकारियों से बात कर किशोरी को बरामद करने के लिए कहा था। तब से ही एसओजी और क्राइम ब्रांच दोनों की तलाश में लगी हुई थी। मीडिया से बातचीत में हर्षित ने बताया कि 13 मई को उन्होंने हरिद्वार में शादी कर ली थी। वह गर्भवती भी थी। तभी से वह हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में छिपते फिर रहे थे। उन्होंने कोई होटल या मकान किराये पर नहीं लिया, बल्कि खाना-पीना और सोना कार के अंदर ही कर रहे थे। किशोरी के परिजनों से बात होने के बाद वह घर आ रहे थे।
जहां केस दर्ज था, उसी क्षेत्र में हादसा, इसलिए कूदे नीचे : एसएसपी
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि दोनों की तलाश की जा रही थी, लेकिन हादसे के समय पुलिस उनके पीछे नहीं थी और न ही कोई गोली चली। यह अफवाह है। फ्लाईओवर से नीचे कूदने की वजह यह रही कि युवक के खिलाफ देवबंद थाने में केस दर्ज था और गाड़ी भी उसी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुई। हादसे को देखकर कहीं पुलिस न आ जाए और उन्हें गिरफ्तार कर ले, इस वजह से दोनों फ्लाईओवर से नीचे कूदे।
डेढ़ माह पूर्व युवक के पिता की हुई थी मौत
हर्षित के पिता अमित कुमार की डेढ़ माह पूर्व मौत हो गई थी। सूत्र बताते हैं कि किशोरी के ही मामले पुलिस ने अमित को उठाया था। कड़ाई से पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया था। इसके तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

